वस्तुनिष्ठ एवं व्यक्तिपरक ज्ञान | Objective and subjective knowledge


वस्तुनिष्ठ एवं व्यक्तिपरक ज्ञान  | Objective and subjective knowledge



डॉ . एस . एस . माथुर - हमारे देश में इतनी अधिक सामाजिक विभिन्नता है . कि हम भारतीय समाज का वर्णन सरल ढंग से नहीं कर सकते है । वास्तव में भारतीय समाज ऐसा जटिल है कि जैसे - जैसे उसकी व्याख्या करने की चेष्ट करते जाते है , हम और उलझते जाते है । सर्वप्रथम तो यही विवाद है हम भारतीय समाज की कल्पना भी कर सकते हैं या नहीं ।
भारत देश में अनेक विवाद थे , फिर भी यहाँ का समाज एक संस्कृति से जुड़ा रहा एक कड़ी में बंधा रहा , एक एकता का श्रेय यहाँ की प्राचीनतम भाषा विश्व भाषा संस्कृत को है ।


1 . सामाजिक समूह ( Social Group ) - मानव समाज का एक प्रमुखतम आधार सामाजिक समूह माना जाता है । व्यक्ति अपने शैक्षिक , व्यावसायिक , आर्थिक , राजनैतिक सभी प्रकार के विकास के कार्यों के साथ सांस्कृतिक मनोरंजन आपस के सम्बन्ध , व्यवहार आदि अनेक विध कार्यों को समाज में ही करता है । समूह से पृथक उसको जीना मुश्किल है , तथा उसका कोई अस्तित्व भी नहीं रहेगा ।


2 . व्यक्ति एवं सामाजिक समूह का सम्बन्ध ( Individual and Social Group Relationship ) - व्यक्ति का सामाजिक समूह से एवं सामाजिक समूह का व्यक्ति से अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है । एक - एक व्यक्ति से समाज बनता है और समाज व्यक्ति का जन्म की पूर्व अवस्था से अन्तिम अवस्थ्ज्ञा तक उसका साथ देता है , अतः दोनों आपस में एक - दूसरे के पूरक माने जाते है । व्यक्ति से समाज का एवं समाज से व्यक्ति का सम्बन्ध है । व्यक्ति से परिवार , परिवार से गोत्र , गोत्र से अनेक जातियाँ , उपजातियों , प्रान्त , राष्ट्र एवं विश्व का निर्माण होता है । विश्व एक विशालतम सामाजिक समूह है । व्यक्ति सामाजिक समूह का निर्माण करता है और सामाजिक समूह उसे जीवन , जीने की कला देने के साथ उसका विकास करता है ।

नोट- यह जानकारी डॉ० शोभना श्रीवास्तव (सहायक प्राध्यापक), श्री सत्य साईं महिला महाविद्यालय, भोपाल। की किताब से लिये गए हैं।
आपत्ति होने पर आप हमसे सीधे संपर्क कर सकते हैं।

Note- This information has been taken from the book of Dr. Shobhana Shrivastava (Assistant Professor), Sri Sathya Sai Women's College, Bhopal.
If you have any objections related to them, please contact us we'll take quick action as per situations.

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