गणतंत्र दिवस पर भाषण: (समय: लगभग 3 से 5 मिनट)
1. शुरुआती धमाका (The Opening Hook)
(मंच पर जाते ही पहले 5 सेकंड शांत रहें, गहरी सांस लें और सबको एक बार
देखें। फिर बुलंद आवाज़ में शुरू करें)
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संवाद:
"सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-कातिल में है!"
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भाव: ओजस्वी और गंभीर।
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निर्देश: "दिल" शब्द पर अपने
हाथ को सीने पर रखें। शेर खत्म होने के बाद 2 सेकंड का विराम (Pause) दें।
2. संबोधन (Formal Salutation)
(आवाज़ को विनम्र लेकिन स्पष्ट
रखें)
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संवाद:
"माननीय मुख्य अतिथि महोदय, आदरणीय प्रधानाचार्य जी, गुरुजन और मेरे देश की युवा शक्ति—मेरे साथियों। आप सभी को भारतीय
गणतंत्र दिवस की कोटि-कोटि शुभकामनाएँ।"
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निर्देश: मुख्य अतिथि की ओर देखते हुए हल्का सा सिर झुकाएं।
3. ऐतिहासिक तथ्य (The Core Facts)
(आवाज़ में गहराई लाएं, जैसे आप कोई कहानी सुना रहे हों)
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संवाद:
"आज से 76 साल पहले जब सुबह का सूरज उगा, तो वह अपने साथ भारत का अपना कानून लेकर आया था। हमें आजादी तो 1947 में मिल गई थी, लेकिन उस आजादी को चलाने वाला नियम—हमारा संविधान—आज ही के दिन लागू
हुआ।"
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विशेष तथ्य (आवाज़ ऊँची करें): "याद रखियेगा, 26 जनवरी की तारीख हमने
इसलिए चुनी क्योंकि 1930 में इसी दिन हमने 'पूर्ण स्वराज' की कसम खाई थी। और इस महान संविधान को बनाने में 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का कठिन परिश्रम लगा था।"
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निर्देश:
'2 वर्ष, 11 महीने, 18 दिन' बोलते समय उंगलियों से इशारा करें,
ताकि
सुनने वालों को तथ्य याद रहें।
4. युवा शक्ति और जोश (The Energy Shift)
(अब आवाज़ में जोश बढ़ाएं, सीधे छात्रों की ओर देखें)
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शेर:
"हवाओं से कह दो अपनी औकात में रहें,
हम
परों से नहीं, हौसलों से उड़ान भरते
हैं!"
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संवाद:
"मेरे दोस्तों! आज का भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी ताकत है।
लेकिन क्या हमारा काम सिर्फ झंडा फहराना है? नहीं! असली गणतंत्र तब
बनेगा जब हम अपने मौलिक कर्तव्यों को समझेंगे। स्कूल में ईमानदारी और सड़क पर अनुशासन ही आज की सबसे
बड़ी देशभक्ति है।"
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निर्देश: इस हिस्से को तेज और प्रभावी अंदाज़ में बोलें।
5. देशभक्ति का चरम (The Climax)
(आवाज़ को सबसे ऊँचा (Loud) और भारी रखें)
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शेर:
"कुछ नशा तिरंगे की आन का है, कुछ नशा मातृभूमि की शान
का है..."
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संवाद:
"आइए आज इस तिरंगे के नीचे संकल्प लें, कि हम एक ऐसा भारत बनाएंगे जहाँ शिक्षा शस्त्र होगी और विकास हमारा
मार्ग होगा।"
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निर्देश: मंच के सामने की ओर एक कदम बढ़ें।
6. समापन (The Grand Final)
(अंतिम शेर को धीरे-धीरे लेकिन
बहुत मजबूती से बोलें)
· अंतिम शेर:
"लिख रहा हूँ मैं अंज़ाम जिसका कल
आगाज़ आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा इंकलाब लायेगा!"
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नारा (पूरी ताकत से): "मेरे साथ बोलिए— भारत माता की... (जय!) (दो बार दोहराएं)"
"जय हिन्द! जय भारत!"
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निर्देश: नारा लगाने के बाद हाथ जोड़कर धीरे से मंच से उतरें।
नोट : मंच के लिए सुझाव (Secret Tips)
1.
विराम (The
Power of Silence): हर शेर के बाद २ सेकंड
रुकें ताकि जनता को तालियाँ बजाने का मौका मिले।
2.
नज़रें मिलाना (Eye
Contact): केवल कागज की तरफ न देखें, सामने बैठे छात्रों और अतिथियों की आँखों में आँखें डालकर बात
करें।
3.
हाथों का उपयोग: जब भारत की महानता की बात करें तो अपने हाथ फैलाएं, जब संकल्प की बात करें तो मुट्ठी बंद रखें।

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