दया कर दान भक्ति का | Daya kar daan bhakti ka | प्रार्थना

दया कर दान भक्ति का प्रार्थना

दया कर दान भक्ति का , हमें परमात्मा देना।

दया करना हमारी आत्मा में शुद्धता देना।

हमारे ध्यान में आओ , प्रभु आँखों मे बस जाओ।

अंधेरे दिल मे आकर के , परम् ज्योति जगा देना।

दया कर .............................................।


हमारा कर्म हो सेवा , हमारा धर्म हो सेवा ।


सदा ईमान हो सेवा , व सेवक चर बना देना ।

दया कर .............................................।

बहा दो प्रेम की गंगा , दिलों में प्रेम का सागर ।


हमें आपस में मिलजुल कर , प्रभु रहना सिख देना।

वतन के वास्ते जीना , वतन के वास्ते मरना ।

वतन पर जां फिदा करना , प्रभु हमको सिखा देना ।

दया कर .............................................।

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