15 लाख का वादा |15 lakh ka wada | ParnassiansCafe


15 लाख का वादा |15 lakh ka wada | ParnassiansCafe


15  लाख   का     वादा  कर   15  सौ   देना  भी  भूल गया।
काम  देखकर  दिल्ली  का     भाषण   देना    भी   भूल गया।।

हिन्दू ,  मुस्लिम ,  सिख ,  ईसाई ,   हम    सब   भाई-भाई   थे।
देखकर   तेरी   राज-नीति   को ,   इंसा-इंसान   को  भूल गया।।

कब  तक   ये  हिन्दू-मुस्लिम  और  ये  आतंकवाद   चलाओगे।
अच्छी-शिक्षा,- अच्छे-अस्पताल,  वो काम की बातें  भूल गया।।

अच्छी सड़कों की बातें करके   वो  प्यारा सा मक्ख़न  मार गया।
हवाई-जहाज   से  आते  थे  वो,  फिर सड़कों के गड्ढे भूल गया।।

भूल  गए  सब  गड्ढों  के  कारण,  एक बेटे ने  माँ को  खोया था।
छोड़ो  भी  जनता  की  बातें,  वो  उस बेटे के  आँसू  भूल गया।।
 (कालेश्वर की घटना, कर्णप्रयाग, उत्तराखंड)

मीडिया भी अब दाढ़ी, बाल, कपड़े, तालियों की बातें करती है।
क्या हो गया उस वक्ता को,जो रोजगार की बातों को भूल गया।।




15 lakh ka wada dekar 15 sau dena bhi bhool gaya
kaam dekhkar dilli ka bhashan bhi bhool gaya

Hindu, Muslim, Sikh, Ishai. hum sab bhai bhai the
Dekhkar teri raajneeti ko, insa- insaan ko bhool gaya

Kab tak ye hindu-muslim aur ye aatankwaad chalaoge
Acchi-siksha, acche aspatal, wo kaam ki baatain bhool gaya

Acchi sadako ki baat karke wo pyara sa makhan maar gaya
Hawai jahaj se aate the wo, fir sadakko ke gaddhe bhool gaya

Bhool gaye sab gaddo ke karan, ek bete ne maa ko khoya tha
Choda bhi janta ki baatain, wo us bete ke aanshu bhool gaya
(kaleshwar ki ghatna, karanprayag, Uttarakhand)

Media bhi ab dadhi, baal, kapde, taaliyon ki baatain karti hain
Kya ho gaya us waqt ko, jo rojgaar ki baaton ko bhool gaya.

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