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तोते पर 15 लाइनों और 250 शब्दों का निबंध | Essay on parrot in hindi

तोते पर 15 लाइनों और 250 शब्दों का निबंध

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तोते पर 15 लाइनों का निबंध

  1. तोता मेरा प्रिय पक्षी है।

  2. तोता एक सुन्दर और आकर्षक पक्षी है।

  3. तोते की चोंच लाल रंग की होती है।

  4. तोते बुद्धिमान पक्षी होते हैं।

  5. तोतों को गर्म जलवायु का मौसम पसंद होता है।

  6. तोते लगभग विश्व के सभी स्थानों में पाए जाते हैं।

  7. तोता का स्वभाव चंचल होते हैं।

  8. तोते काफ़ी मिलनसार होते हैं।

  9. तोते प्राणियों की आवाज की नकल भी करते हैं।

  10. भारत में आमतौर पर तोते हरे रंग का होते हैं।

  11. तोते हरे रंग के अलावा लाल, पीला, नीला आदि रंगों के भी होते हैं।

  12. तोते सर्वाहारी पक्षी होते हैं।

  13. तोते का प्रिय भोजन फल और छोटे मोटे कीट-पतंगे होता है।

  14. तोते की चोंच बहुत नुकीली और पंजे बहुत मज़बूत होते हैं।

  15. तोते हमारे पर्यावरण का एक अभिन्न अंग हैं।

तोते पर 250 शब्दों में निबंध:

परिचय:

तोते आकर्षक पक्षी हैं इनकी कुछ अनूठी विशेषताएं होती हैं। तोते बुद्धिमान और स्वभाव में चंचल होते हैं। पूरी दुनिया में तोते की अलग-अलग प्रजातियां पाई जाती हैं। ये बहुत मिलनसार होते हैं। तोते जब कुछ शब्दों को बार-बार सुनते हैं तो ये हमारी बातों की नकल करते हैं।

भारतीय तोते की विशेषताएं:

भारत में पाए जाने वाले तोते ज्यादातर हरे रंग के होते हैं। उनमें से कुछ के गले में एक काला घेरा है। तोते पीले, लाल, नीले और इंद्रधनुषी रंग के भी होते हैं। तोते की चोंच काफ़ी नुकीली होती है यह उन्हें खाने के लिए खुले मेवे फोड़ने में मदद करती है। तोतों में अपने पंजों के साथ भोजन को पकड़ने और इसे खाने के लिए अपने मुंह तक लाने की एक अनोखी क्षमता होती है जैसे कि इंसानों में। वे सर्वाहारी पक्षी हैं, जिसका अर्थ है कि ये फलों के साथ-साथ मांस भी खाते हैं। इनको भोजन में मेवे, बीज, फल, छोटे दाने, पत्तियाँ और कीड़े मकोड़े खाना बेहद पसंद होता है। मादा तोते प्रायः 2 से 8 आठ अंडे देती हैं। तोते के बच्चों को विकसित होने में 1 से 4 साल लगते हैं।

पालतू पक्षी के रूप में तोता:

कुछ लोग तोते को पालकर इनको मनोरंजन के लिए प्रशिक्षित भी करते हैं। किन्तु कुछ लोग पैसे और लोकप्रियता हासिल करने के लिए तोते को मनोरंजन के लिए प्रशिक्षित करने के लिए पिंजरे में बंदी बनाकर रखते हैं जो कि एक क्रूर कार्य है, क्योंकि बेचारे पंछी कैद में रहने पर खुश नहीं रहते और कभी - कभी आजाद होने के लिए पिंजरे को कटने की कोशिश में खुद को घायल कर लेते हैं। हमें किसी भी पक्षी या जानवर को पिंजरे में नहीं रखना चाहिए क्योंकि यह उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। सभी को स्वतंत्रता से रहने का अधिकार है इसलिए हमें सभी प्राणियों के प्रति दया का भाव रखना चाहिए।

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